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BSER 12th Physics Lesson -11 “किरण प्रकाशिकी ( Ray Optics ) ” part-3 Refraction of light

आज की इस POST में हम आपके लिए BSER 12th Physics Lesson -11 “किरण प्रकाशिकी ( Ray Optics ) ” part-3 Refraction of light लेकर आये है so  इस lecture को पढ़े ,देखे ,सुने और अपने subject पर महारथ हासिल करके exam में अधिकतम score बनाये |

अध्याय “किरण प्रकाशिकी ( Ray Optics ) ” बाकी के topics  के link आपको page के नीचे मिल जायेंगे |

BSER 12th Physics Lesson -11 किरण प्रकाशिकी ( Ray Optics )

 

#12th physics प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of light ) :-

जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दुसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं ,तो दोनों माध्यमो को पृथक करने वाली अन्तरापृष्ठ पर यह अपने प्रारभिक  पथ से विचलित हो जाती हैं | प्रकाश की यह घटना अपवर्तन कहलाती हैं

BSER Physics Ray Optics Refraction of light

 

#अपवर्तन के नियम Rules of refraction :-

( i ) आपतित प्रकाश किरण , अभिलम्ब एवं अपवर्तित प्रकाश की किरण हमेशा एक ही तल में उपस्थित होते हैं |

( ii ) आपतन कोण की ज्या व अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात ( Ratio )एक नियतांक ( Determinant )होता हैं | इसे स्नेल का नियम ( SNAIL’s LOW )  कहा जाता हैं | अर्थात –

 \dfrac {\sin i}{\sin r }    =\dfrac {n_{2}}{n_{1}}= n_{21}

जहाँ –

i = आपतन कोण

r = अपवर्तन कोण

n_{1} = प्रथम माध्यम का अपवर्तनांक

n_{2} = द्वितीय माध्यम का अपवर्तनांक

 n_{1}\sin i=n_{2}\sin r

Case 1 :-

यदि प्रथम माध्यम का अपवर्तनांक द्वितीय माध्यम की तुलना में अधिक हो ,

अर्थात   n_{1} >n_{2} हो तो इस स्थिति में –

प्रथम माध्यम द्वितीय माध्यम के सापेक्ष सघन होता हैं | जब सघन माध्यम से प्रकाश किरण विरल माध्यम में प्रवेश करती हैं ,तो यह अभिलम्ब से दूर हट जाती हैं |

Case 2 :-

यदि प्रथम माध्यम का अपवर्तनांक द्वितीय माध्यम की तुलना में कम  हो ,

अर्थात   n_{1} < n_{2} हो तो इस स्थिति में –

प्रथम माध्यम द्वितीय माध्यम के सापेक्ष विरल  होता हैं | जब विरल माध्यम से प्रकाश किरण सघन माध्यम में प्रवेश करती हैं ,तो यह अभिलम्ब की ओर झुक  जाती हैं |

#अपवर्तनांक :-

प्रकाश की निर्वात ने चाल एवं प्रकाश की किसी माध्यम में चाल के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं |

अपवर्तनांक ( n ) = प्रकाश की निर्वात में चाल ( c ) / प्रकाश की माध्यम में चाल ( v )

⇒अपवर्तनांक एक मात्रक हीन , विमा हीन व अदिश राशी होती हैं |

⇒अपवर्तनांक का मान पदार्थ की प्रकृति पर आपतित प्रकाश के तरंग दैर्ध्य पर एवं उपस्थित वातावरण के तापमान पर निर्भर करता हैं |

 n\propto \dfrac {1}{\lambda }

 n\propto \dfrac {1}{T}

Note :- जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दुसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं तो प्रकाश की आवर्ती पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैं ,परन्तु प्रकाश का तरंग दैर्ध्य परिवर्तित हो जाता हैं |

#प्रकाश के अपवर्तन से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ ( Some important events related to the refraction of light ):-

( i ) तारों का टिमटिमाना ( Shimmer of stars ) :- तारों से आने वाली प्रकाश की किरने हमारी आंख की रेटिना पर बिन्दुवत प्रतिबिम्ब का निर्माण करती हैं |जब ये प्रकाश की किरने तारों से हमारी आंख तक पहुंचती हैं ,तो वायुमंडल की भिन्न – भिन्न घनत्व वाली परतों से संचरित होती हैं | इन परतों का अपवर्तनांक भिन्न – भिन्न होने के कारण ये लगातार अपवर्तित होती रहती हैं | जिस कारण तारे हमें टिमटिमाते हुवे दिखाई देते हैं |

( ii ) सूर्योदय तथा सूर्यास्त ( Sunrise and sunset ) :-

Rajasthan BSER Physics Ray Optics Refraction of light

चित्रानुसार सूर्योदय से पहले एवं सूर्यास्त के पश्चात् सूर्य की वास्तविक स्थिति क्षितिज से नीचे बिंदु “S” पर होती हैं | पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित वायुमंडल की परतों का अपवर्तनांक अलग – अलग होता हैं | पृथ्वी के पास वाली परतों का अपवर्तनांक  अधिक व पृथ्वी से दूर स्थित परतों का अपवर्तनांक कम होता हैं | अर्थात सूर्य की वास्तविक स्थिति से आने वाली प्रकाश की किरने विरल माध्यम से सघन माध्यम में लगातार अपवर्तित होती रहती हैं जिसकी वजह से ये प्रकाश की किरणे लगातार अभिलम्ब की ओर झुकती जाती हैं और हमारे आंख की रेटिना पर सूर्य का आभासी प्रतिबिम्ब क्षितिज से ऊपर बिंदु S’ पर प्राप्त होता हैं |

( iii ) द्रव से भरे पात्र के पैंदे का ऊपर उठा होना :-

BSER 12th Physics Lesson

चित्रानुसार एक द्रव से भरे हुवे पात्र के पैंदे पर बिंदु P स्थित हैं | इस बिंदु P से आने वाली प्रकाश किरण वायु व जल को पृथक करने वाली अन्तरापृष्ठ पर स्थित बिंदु S पर अपवर्तित होती हैं | अपवर्तन के पश्चात् यह अभिलम्ब से दूर हट जाती हैं एवं ST दिशा में गमन करती हैं | ST प्रकाश किरण को पीछे की ओर बढ़ाने पर यह बिंदु P’ से आती हुवी प्रतीत होती हैं , अर्थात अपवर्तन की घटना के कारण द्रव से भरे हुवे पात्र का पैंदा ऊपर उठा हुवा दिखाई देता हैं |

 

Check Out Below RBSE Class 12 Physics Notes in Hindi…

 

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